० विजय सिंह बिष्ट ०
आओ बालिका दिवस मनाएं,
गर्भ से लेकर राह तक बचाएं।
हम हीं हैं जननी,हम रत्न गर्भा हैं,
राष्ट्र निर्माता और गृहस्वामी हैं।
अधूरा है जीवन, अधूरा संसार है,
मेरी रक्षा में , सच्चा तुम्हारा भार है।
हमहीं दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
हमहीं हैं ज्ञान और धर्म प्रचारणी।
आओ मिलकर बालिका दिवस मनाएं,
शत-शत नमन करें,हमें बचाएं।
एक टिप्पणी भेजें
Click to see the code!
To insert emoticon you must added at least one space before the code.